सुषमा ने राज्यसभा में बताया - इराक के मोसुल में लापता 39 भारतीयों को आईएसआईएस ने मार दिया: - AZAD SOCH सुषमा ने राज्यसभा में बताया - इराक के मोसुल में लापता 39 भारतीयों को आईएसआईएस ने मार दिया: - AZAD SOCH
Your browser is not supported for the Live Clock Timer, please visit the Support Center for support.
Your browser is not supported for the Live Clock Timer, please visit the Support Center for support.

सुषमा ने राज्यसभा में बताया – इराक के मोसुल में लापता 39 भारतीयों को आईएसआईएस ने मार दिया:

386

नई दिल्ली. 4 साल पहले इराक के मोसुल से अगवा हुए 39 भारतीय नागरिकों को आतंकी संगठन आईएसआईएस ने मौत के घाट उतार दिया। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने राज्यसभा में इसकी पुष्टि की। बता दें कि 2014 में भारत के पंजाब से मोसुल में काम करने गए मजदूरों को आतंकियों ने किडनैप कर लिया था। जब उन्होंने भागने की कोशिश की तो आतंकियों ने उन्हें घेरकर मार दिया था। मोसुल की आजादी के बाद मजदूरों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए जनरल वीके सिंह इराक गए थे। किडनैप किए गए 40 भारतीयों में से एक हरजीत मसीह आतंकियों के चंगुल से बच निकला था। मसीह ने कहा था कि उसने बाकी भारतीयों को अपनी आंखों के सामने मरते देखा था।

राज्यसभा में क्या बोलीं सुषमा?
– सुषमा स्वराज ने कहा, “हरजीत मसीह की कहानी सच्ची नहीं थी। मोसुल में लापता 39 लोग मारे गए। हरजीत ने मुझसे बात की थी। वो पंजाबी में बात कर रहा था। उसने बताया था कि आतंकियों ने सभी भारतीयों को सामने खड़े करके गोली मार दी। किसी को सिर में लगी तो किसी को सीने में। उसने खुद को पैर में गोली लगने की बात बताई।”
– “एक केटरर ने बताया था कि सबको टेक्सटाइल फैक्ट्री में ले गए। उन्होंने कहा कि बांग्लादेशियों और भारतीयों को अलग रखा जाए। केटरर ने बताया कि हरजीत को बांग्लादेश का अली बताकर बाहर निकाल दिया।”
– “इससे पहले जब मैं सदन में मामले के बारे बोली थी, तब इराक के विदेश मंत्री भारत में ही थे।”
– “इराक में जब वीके सिंह समेत भारतीय अफसर लोगों को ढूंढ रहे थे, तो उन्होंने वहां डीप पेनीट्रेशन रडार की मांग की। उन्हें जमीन के अंदर लोगों के दबे होने की बात बता लगी।”
– “भारतीयों के हत्या के सबूत मिले। पहाड़ खुदवाकर शवों को निकलवाया गया। लोगों के कड़े मिले।”
– “डीएनए टेस्ट में सबसे पहले संदीप नाम के लड़के का पता चला। कल 38 अन्य लोगों के डीएनए मैच होने के पता चला। एक लड़के के डीएनए इसलिए मैच नहीं हो पाया क्योंकि उसके माता-पिता नहीं थे।”
– “मैं विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह का शुक्रिया अदा चाहती हूं कि जिन्होंने काफी धैर्यपूर्वक इस अभियान को पूरा किया। वे बदूश गए। मुश्किल हालात में रहे, जमीन पर सोए। फिर बॉडी को बगदाद लेकर आए।”

कैसे लापता हुए थे 39 भारतीय?
– इराक में लापता हुए भारतीयों में ज्यादातर पंजाब के रहने वाले थे। ये सभी मोसुल और इसके करीबी शहरों में मजदूरी के लिए गए थे।
– 2014 में इन्हें आईएस ने किडनैप किया था। आरोप है कि इन्हें मोसुल के किसी गांव की जेल में रखा गया और वहां उनसे मजदूरी कराई गई। इसके बाद से इन भारतीयों के बारे में कभी कुछ पुख्ता तौर पर सामने नहीं आया।




Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *