बजट को अंतिम रूप देने में जुटी पंजाब सरकार - AZAD SOCH बजट को अंतिम रूप देने में जुटी पंजाब सरकार - AZAD SOCH

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बजट को अंतिम रूप देने में जुटी पंजाब सरकार

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नई दिल्ली।  पंजाब बजट को अंतिम रूप देने की तैयारियों में राज्य की कै. अमरेन्द्र सिंह सरकार जुट गई है। 24 मार्च को राज्य विधानसभा में बजट पेश किया जाना है। मौजूदा बजट इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि अगले वर्ष लोकसभा के चुनाव होने हैं। सरकारी हलकों से पता चला है कि बजट में इस बार जहां किसान ऋण माफ करने के लिए भारी भरकम राशि रखने का प्रावधान किया जा रहा है, वहीं  दूसरी तरफ किसान आत्महत्याएं करने वालों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने के लिए भी 400 करोड़ रुपए की राशि का प्रबंध किए जाने की संभावना है। ऐसे प्रभावित परिवारों की गिनती राज्य में 10,000 से अधिक बताई जा रही है, जिनकी पहचान कर ली गई है।

अभी यह तय किया जाना बाकी है कि आत्महत्याएं करने वाले किसानों के परिजनों को सरकार द्वारा कितनी-कितनी आॢथक सहायता दी जाएगी। बजट के माध्यम से सरकार यह भी यकीनी बनाने जा रही है कि पैंशन धारकों को हर महीने समय पर पैंशन का भुगतान किया जाए।

 

वित्त विभाग द्वारा बजट को अंतिम रूप देने से पहले मुख्यमंत्री कै. अमरेन्द्र सिंह के साथ विस्तार से चर्चा की जा रही है तथा कैप्टन की प्राथमिकताओं को देखते हुए बजट को तैयार किया जाएगा। पहले ही बजट को लेकर मुख्यमंत्री ने कांग्रेसी सांसदों व विधायकों के साथ दो दिनों तक चंडीगढ़ में बैठकें की थीं। विधायकों की मांगों को देखते हुए भी कई प्रावधान बजट में वित्त विभाग द्वारा किए गए हैं।

सरकारी हलकों ने बताया कि बजट में किसान ऋण माफी के अलावा नौजवानों को स्मार्ट फोन देने का भी प्रावधान किया जाएगा तथा उसके लिए अलग से राशि रखी जा रही है। इसी प्रकार विभिन्न शहरों के विकास के लिए अलग से फंड रखे जाने का प्रावधान किया जा रहा है। यद्यपि अभी बजट की संपूर्ण प्रक्रिया को गुप्त रखा जा रहा है, परन्तु फिर भी विधानसभा में पेश किए जाने वाला मौजदा बजट पर लोकसभा चुनाव की छाया अवश्य पड़ती हुई दिखाई देगी।

बजट में सरकार का ध्यान राजस्व व खर्चों के बीच अंतर को कम करने की तरफ रहेगा। बजट में एक अन्य महत्वपूर्ण प्रावधान किसानों के व्यापारिक बैंकों को कर्जों माफ करने की तरफ पहल करने का रहेगा। अभी तक अमरेन्द्र सरकार ने सहकारी बैंकों से कर्जा लेने वाले किसानों के ऋणों को माफ किया है। अब तीसरे व चौथे चरण में सरकार व्यापारिक बैंकों के ऋणों को माफ करने जा रही है तथा नवम्बर 2018 तक सभी 10 लाख छोटे किसानों के ऋणों को माफ कर दिया जाएगा।




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