CBSE PAPER LEAK मामला-Whatsapp ग्रुप पर लीक हुए थे CBSE के पेपर - AZAD SOCH CBSE PAPER LEAK मामला-Whatsapp ग्रुप पर लीक हुए थे CBSE के पेपर - AZAD SOCH
BREAKING NEWS
Search
Your browser is not supported for the Live Clock Timer, please visit the Support Center for support.

CBSE PAPER LEAK मामला–Whatsapp ग्रुप पर लीक हुए थे CBSE के पेपर

226

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के दो पेपर्स लीक होने के मामले में क्राइम ब्रांच को अहम सुराग मिले हैं. क्राइम ब्रांच के मुताबिक, 12वीं के इकोनॉमिक्स के पेपर 10 Whatsapp ग्रुप पर लीक किए गए थे. इस बीच ऐसी खबर भी आ रही है कि HRD मिनिस्ट्री सिर्फ दिल्ली में दोनों लीक हुए पेपर्स के दोबारा एग्जाम कराने पर विचार कर रहा है.

 

क्राइम ब्रांच के मुताबिक, 12वीं का इकोनॉमिक्स का पेपर 10 व्हाट्सएप ग्रुप पर लीक हुआ था. हर ग्रुप में करीब 50 लोग मौजूद थे, जिनसे ट्युटर्स, स्टूडेंट्स और पेरेंट्स जुड़े हुए हैं. इसके अलावा Rouse Avenue ऑफिस में 26 तारीख को पार्सल के जरिये मिले सॉल्व पेपर में जिन 4 मोबाइल नंबर्स का जिक्र है, वे सभी नंबर ट्यूटर्स के हैं, जो किसी न किसी व्हाट्सएप ग्रुप में ऐड थे.

क्राइम ब्रांच को व्हिसल ब्लोअर की तलाश

सीबीएसई पेपर लीक मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच अब उस व्हिसल ब्लोअर की तलाश में जुट गई है, जिसने सीबीएसई चेयरमैन को लगातार फैक्स और मेल के जरिए पेपर लीक होने को लेकर आगाह किया था.

क्राइम ब्रांच का मानना है कि दोनों पेपर्स लीक होने से पहले सीबीएसई को आगाह करने वाला शख्स एक ही व्यक्ति है. क्राइम ब्रांच के मुताबिक, कथित व्हिसल ब्लोअर ने 23 मार्च और 28 मार्च के बीच कई बार CBSE के चेयरमैन को ईमेल भेजे, सीबीएई के ऑफिस में फैक्स किया और लीक्ड हुए पेपर के साथ पूरे दस्तावेज पार्सल के जरिए भेजे थे.

साथ ही इस शख्स ने दिल्ली के एक कोचिंग सेंटर और 2 स्कूलों पर पेपर लीक करने का आरोप लगाया था, हालांकि सीबीएसई ने 3 दिन तक इस पर कोई एक्शन नहीं लिया. वहीं 26 मार्च को CBSE के Rouse Avenue ऑफिस में एक कूरियर मिला, जिसमें 4 पेज में 12वीं क्लास के इकोनॉमिक्स के प्रश्न पत्र के जवाब लिखे हुए थे.

साथ ही उसमें 4 लोगों के मोबाइल नंबर भी लिखे हुए थे, जिन्होंने व्हाट्सऐप पर ये क्वैश्चन पेपर रिसीव किए थे. दुसरी बार अगाह करने के बावजूद CBSE ने पेपर्स कैंसिल नहीं किए. इसके बाद 28 मार्च को तड़के सुबह 1 बजकर 39 मिनट पर devn532@gmail.com से सीबीएसई चेयरपर्सन को मेल मिला.

35,000 में बिके लीक पेपर

इस मेल के साथ 12 पेज अटैच थे, जिनमें 10वीं के गणित के पेपर और उनके जवाब मौजूद थे. इस मेल में पेपर को कैंसिल करने की अपील भी की गई थी. लेकिन cbse ने पेपर कैंसिल नहीं किया. एग्जाम होने के 90 मिनट बाद पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई गई.

पुलिस को लगता है कि CBSE को लगातार अलग-अलग तरीकों से फैक्स के जरिए, कूरियर के जरिए और मेल के जरिए अलर्ट करने वाला यह व्हिसल ब्लोअर एक ही शख्स है, जो इस मामले को सुलझाने में अहम कड़ी साबित हो सकता है. क्राइम ब्रांच ने व्हिसल ब्लोअर्स की डिटेल्स निकालने के लिए CBSE ने गूगल को चिट्ठी लिखी है.




Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *