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अमृतसर से ISI का जासूस अरेस्ट, FB पर लड़की की फ्रेंड रिक्वेस्ट आने पर शुरू हुआ देश से गद्दारी का खेल

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अमृतसर.  पुलिस और सेना  ने वीरवार को अमृतसर के चाटीविंड से पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई के जासूस को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से सेना की गतिविधियों से जुड़े दस्तावेज, सेना प्रतिष्ठान के फोटो, नक्शे, सेना की आक्रामक रणनीतियों आदि की सूचनाएं मिली हैं। जासूस की पहचान मोगा जिले के गांव डालेके के रवि कुमार के रूप में हुई है। आरोपी ने बताया कि उसे आईएसआई ने फेसबुक के माध्यम से करीब 7 माह पूर्व भर्ती किया था। आईएसआई ने उसे 20 फरवरी को दुबई भी भेजा था, जहां उसे काम के बारे में बताया गया था। दुबई में उसे पता चला था कि आईएसआई बड़ी संख्या में फर्जी फेसबुक अकाउंट चला रहा है। उसे दुबई के रास्ते पैसा भेजा जा रहा था।

हर महीने 40 से 50 हजार रुपए देने का लालच देकर आईएसआई ने बनाया था जासूस

– पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई लगातार भारतीय युवाओं को कई तरह के लालच देकर अपना जासूस बना रही है।

– गुरुवार को स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल की ओर से गिरफ्तार किया गया 34 वर्षीय युवक रवि कुमार भी पैसों और हनी ट्रैप में फंस आईएसआई का जासूस बना है।

आईएसआई उसकी हर एक जरूरत पूरी कर रही थी और इसके बदले में वह सूचनाएं लगातार पाकिस्तान पहुंचा रहा था। अब उसे किसी बड़ी टास्क के लिए तैयार किया जा रहा था। उसी के सिलसिले में वह वीरवार को अमृतसर आया तो कस्बा चाटीविंड के करीब से उसे पकड़ लिया गया।

– गिरफ्तारी के बाद आरोपी रवि कुमार ने कई अहम खुलासे किए हैं कि किस तरह से आईएसआई उसके जैसे युवाओं के संपर्क कर रही है और वे भी कैसे सूचनाएं वहां तक पहुंचा रहे हैं। यहां तक कि उन्हें आईएसआई की ओर से टास्क संबंधी ट्रेनिंग के लिए दुबई सहित कई अन्य देशों में भी भेजा जा रहा है।

सात महीने पहले रवि को लड़की के फेक आईडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट आने पर शुरू हुआ था देश से गद्दारी का खेल

– रवि कुमार एक साफ्ट ड्रिंक कंपनी में सेल्स मैन की नौकरी करता है। रवि ने फेसबुक पर अकाउंट बनाया हुआ है। करीब सात महीने पहले सितंबर 2017 में रवि कुमार को एक फेक आईडी से लड़की की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई।

– रवि ने उसे एक्सेप्ट कर लिया। इसके बाद कुछ दिन तक उस लड़की के साथ रवि की चैटिंग होती रही। काफी दिन तक चैटिंग जारी रही तो रवि ने अपना मोबाइल नंबर दिया।

– कुछ ही समय के बाद एक लड़की का फोन आया और मोगा में ही एक जगह मिलने के लिए समय तय किया गया। जब रवि मिलने के लिए गया तो वहां पर कोई नहीं आया, मगर आईएसआई वाले लगातार रवि की हरकतों पर नजर रख रहे थे। इसके बाद फिर से लड़की का फोन आया कि वह आज नहीं आ सकती। कुछ काम है। अगले दिन दोबारा से उसे बुलाया गया। जब अगले दिन रवि लड़की की बताई जगह पर गया तो उसे वहां पर दो लोग मिले।

– उन्होंने रवि को कहा कि अगर वह उनके लिए काम करे तो मोटी रकम कमा सकता है। क्योंकि रवि सेल्स मैन की नौकरी से केवल 8 से 10 हजार रुपए कमा रहा था। इस कारण आरोपियों की बातों में आ गया और काम शुरु कर दिया।

– लगातार पिछले सात महीनों से रवि के खाते में 40 से 50 हजार रुपए ट्रांसफर हो रहे थे। इतना ही नहीं रवि ने स्पेशल सेल के समक्ष यह स्वीकार किया कि इस तरह के हजारों ही अकाउंट फेसबुक पर चल रहे हैं।

20 फरवरी को रवि गया था दुबई, वहीं पिस्तौल चलाना सीखा

– आईएसआई लगातार उससे आर्मी की मूवमेंट पर सूचनाएं ले रही थी। मगर अब उससे कुछ बड़ा करवाने की तैयारी की जा रही थी। जिस तहत आईएसआई ने ही रवि कुमार का पूरा खर्च उठाया और 20 फरवरी को दुबई भेजा।

– रवि 20 फरवरी से लेकर 24 फरवरी तक दुबई में रहा और उसे पिस्तौल चलाने की भी सिखलाई दी गई। उसके साथ दुबई में और भी भारतीय युवक थे, जो अलग-अलग टास्क संबंधी ट्रेनिंग लेने के लिए आए थे, मगर एक-दूसरे के साथ किसी को भी बात करने की इजाजत नहीं थी।

24 फरवरी से पाक एजेंसियों के अफसरों के सीधे संपर्क में था

– दुबई से वापस आकर वह लगातार पाकिस्तान एजेंसी के अधिकारियों में संपर्क था, क्योंकि अभी तक रवि की शादी भी नहीं हुई है। इस कारण वह आसानी से हनी ट्रैक का शिकार हो गया।

– रवि का यह शौक भी आईएसआई की ओर से पूरा किया जा रहा था। वह अभी तक जो भी डिमांड कर रहा था, आईएसआई उसे पूरा कर रही थी। इसी तहत वह टास्क के सिलसिले में अमृतसर आ रहा था और यहां से उसे कहीं लेकर जाया जाना था, मगर स्पेशल सेल के पास सूचना आने पर पकड़ लिया गया।




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