एससी-एसटी एक्ट: सुप्रीम कोर्ट का अपने फैसले पर रोक से इनकार, कहा- बेगुनाह को नहीं होनी चाहिए सजा - AZAD SOCH एससी-एसटी एक्ट: सुप्रीम कोर्ट का अपने फैसले पर रोक से इनकार, कहा- बेगुनाह को नहीं होनी चाहिए सजा - AZAD SOCH

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एससी-एसटी एक्ट: सुप्रीम कोर्ट का अपने फैसले पर रोक से इनकार, कहा- बेगुनाह को नहीं होनी चाहिए सजा

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नई दिल्ली.सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एससी/एसटी एक्ट मामले में दायर पुनर्विचार याचिका पर खुली अदालत में सुनवाई की। कोर्ट ने अपने फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। कहा, “हम एससी-एसटी एक्ट के खिलाफ नहीं हैं, पर बेगुनाह को सजा नहीं होनी चाहिए।” अदालत ने सभी पार्टियों से दो दिन में जवाब मांगा है और इस मामले में 10 दिन बाद सुनवाई की जाएगी। यह याचिका केंद्र सरकार की ओर से सोमवार को दायर की गई थी। तब कोर्ट ने फौरन सुनवाई से इनकार कर दिया था। उधर, गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने इस मामले पर लोकसभा में बयान दिया। इस दौरान विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दलित संगठनों ने सोमवार को भारत बंद का आह्वान किया था। इस दौरान 10 से ज्यादा राज्यों में प्रदर्शन हिंसात्मक हुआ और 14 लोगों की मौत हो गई। इनमें सबसे ज्यादा असर मध्यप्रदेश में रहा।

सुप्रीम कोर्ट में हमारी सरकार पार्टी नहीं

– गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- ” देश के कई हिस्सों में हिंसा और आगजनी की घटनाएं हुई हैं। इन हिंसक घटनाओं में 8 लोगों की मौत हुई है। मध्यप्रदेश में 6, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में एक-एक की मौत हुई है।”

– ” सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई में भारत सरकार पार्टी नहीं थी। संविधान में एससी/एसटी के लोगों को पूरी तरह से प्रोटेक्शन दिया गया है और सरकार इसके लिए प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार ने इस एक्ट में कोई भी डॉयल्यूशन नहीं किया है।”

– राजनाथ सिंह के बयान के दौरान विपक्षी सांसद ‘हमें न्याय चाहिए’ जैसे नारे लगाते रहे।

तत्काल सुनवाई के लिए सरकार ने हिंसा और जनहानि का हवाला दिया

– सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को इससे पहले कहा था कि वो खुली अदालत में सुनवाई को तैयार हैं। लेकिन यह केस उसी बेंच के पास जाना चाहिए, जिसने यह फैसला किया था। कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल से कहा था कि बेंच के गठन के लिए चीफ जस्टिस के सामने केस मेंशन करें।
– इसके बाद सीजेआई दीपक मिश्रा ने ओरिजल बेंच को गठित करने के राजी हो गए जिसने एससी/एसटी फैसला सुनाया था।

– इससे पहले अटॉर्नी जनरल ने सुप्रीम कोर्ट के सामने भारत बंद के दौरान जनधन हानि का हवाला दिया और फौरन सुनवाई की मांग की।




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