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वकील से सीधे सुप्रीम कोर्ट जज बनने वाली पहली महिला बनीं इंदु मल्होत्रा

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The first woman to become a Supreme Court judge with alawyer is Indu Malhotra 

नई दिल्ली.  Indu Malhotra  ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के जज पद पर शपथ ली। इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में वे पहली महिला हैं जिन्हें वकील से सीधे जज बनाया गया है। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने उन्हें शपथ दिलाई। उनका कार्यकाल 3 साल का होगा। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जज बनाने के लिए केंद्र को दो नाम भेजे थे। इनमें से एक नाम इंदु मल्होत्रा और दूसरा नाम उत्तराखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस केएम जोसेफ का था। हालांकि, केंद्र ने दोबारा विचार के लिए जस्टिस केएम जोसेफ के नाम की सिफारिश लौटा दी थी।

सुप्रीम कोर्ट में अब दो महिला जज
– सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में ये तीसरी बार है कि एक साथ दो महिला जज हैं। जस्टिस इंदु मल्होत्रा के अलावा जस्टिस आर भानुमति अभी शीर्ष अदालत में जज हैं।
– इंदु मल्होत्रा की नियुक्ति के साथ ही सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 25 हो गई है। यहां जजों की कुल तय संख्या 31 है।

Indu Malhotra को 30 साल का अनुभव
– इंदु मल्होत्रा पिछले 30 साल से सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस कर रही थीं। सुप्रीम कोर्ट के 68 साल के इतिहास में वे सातवीं महिला जज हैं। उनसे पहले जस्टिस फातिमा बीवी, जस्टिस सुजाता मनोहर, जस्टिस रुमा पाल, जस्टिस ज्ञान सुधा मिश्रा, जस्टिस रंजना देसाई और जस्टिस आर भानुमति भी शीर्ष अदालत में जज रही हैं।

जजों के 36% पद खाली
– कॉलेजियम और केंद्र दोनों के पास मंजूरी लंबित होने के चलते जजों के 36% पद खाली हैं। ये भरें तो बाकी जजों से रोजाना 7 हजार केसों का बोझ घटेगा। 146 नाम दो साल से अटके हैं। 36 नाम सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के पास लंबित हैं। 110 नामों को केंद्र सरकार से मंजूरी का इंतजार है।
– देश के 24 हाईकोर्ट में 395 और सुप्रीम कोर्ट में जजों के 6 पद रिक्त हैं।




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