Shiv Sena said, we will fight alone in the elections of 2019 Shiv Sena said, we will fight alone in the elections of 2019

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शिवसेना ने कहा- 2019 का चुनाव हम अकेले लड़ेंगे

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मुंबई. महाराष्ट्र में बीजेपी Shiv Sena के बीच बात बनती हुई नजर नहीं आ रही है। Shiv Sena ने बुधवार को कहा कि वे 2019 का चुनाव अकेले ही लड़ेंगे। पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में कहा गया कि अमित शाह इन चुनावों में किसी भी तरह 350 सीटें जीतना चाहते हैं। यह बयान ऐसे वक्त आया है जब आज शाम को अमित शाह उद्धव ठाकरे से मिलने के लिए उनके घर मातोश्री जाएंगे। यह मुलाकात भाजपा की तरफ से रिश्तों को बेहतर बनाने के तौर पर देखी जा रही है। बता दें कि शाह भाजपा के ‘संपर्क फॉर समर्थन’ अभियान के तहत पार्टी मुंबई में लता मंगेशकर, रतन टाटा और माधुरी दीक्षित से मिलेंगे।

किसी भी हाल में चुनाव जीतना चाहती है बीजेपी

– सामना की बुधवार की संपादकीय में Shiv Sena  ने लिखा है कि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े हुए हैं, किसान सड़क पर हैं, इसके बावजूद बीजेपी चुनाव जीतना चाहती है। जिस तरह बीजेपी ने साम, दाम, दंड, भेद के जरिए पालघर का चुनाव जीता उसी तरह बीजेपी किसानों की हड़ताल को खत्म करना चाहती है। चुनाव जीतने की शाह की जिद को हम सलाम करते हैं।

Shiv Sena ने लिखा-अब बहुत देर हो गई है

– इस संपादकीय में कहा गया- ” एक ओर जहां मोदी पूरी दुनिया में घूम रहे हैं, वहीं शाह पूरे देश में घूम रहे हैं। बीजेपी को उपचुनावों में हार मिली है, क्या इसलिए अब उसने सहयोगी पार्टियों से मिलना शुरू कर दिया है। भले ही अब वह करीब आने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन, लेकिन अब बहुत देर हो चुकी है। तेलेगु देशम पार्टी के चीफ चंद्रबाबू नायडू एनडीए छोड़ गए। उधर जदयू चीफ और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी अलग बयान दे रहे हैं। भाजपा का जनता से संपर्क लगातार टूटता जा रहा है।

Shiv Sena का कहना है कि अगर बीजेपी राम मंदिर बनाती है तो 350 सीटें जीत सकती है।

2014 में क्या स्थिति थी

– महाराष्ट्र में लोकसभा की 48 सीटें हैं। 2014 में इनमें से भाजपा को 23 और Shiv Sena को 18 सीटें मिली थीं। राकांपा को 4, कांग्रेस को 2 और अन्य के खाते में एक सीट गई थी।

शरद पवार ने कहा था- फिलहाल देश में 1977 जैसे हालात

– राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने कहा मंगलवार को कहा था, “देश में 1977 जैसे हालात है, जब विपक्षी दलों के गठबंधन ने इंदिरा गांधी को सत्ता से बेदखल कर दिया था। पहले भी ऐसा होता रहा है, जब-जब उपचुनावों में मिली हार का नतीजा उस समय की मौजूदा सरकार की हार के रूप में निकला।”

– उन्होंने कहा कि राज्यों में मजबूत मौजूदगी रखने वाले दलों जैसे कि केरल में लेफ्ट, कर्नाटक में जेडीएस, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और महाराष्ट्र में कांग्रेस, आंध्र प्रदेश में टीडीपी, तेलंगाना में टीआरएस, पश्चिम बंगाल में टीएमसी और महाराष्ट्र में एनसीपी को एक आम सहमति बनाने की जरूरत है।”

– उन्होंने Shiv Sena को साथ आने का ऑफर दिया है।




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