Truck Strike | आज से ट्रक चालकों की हड़ताल , डीज़ल और टोल टैक्स कम करने की मांग Truck Strike | आज से ट्रक चालकों की हड़ताल , डीज़ल और टोल टैक्स कम करने की मांग

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आज से ट्रक चालकों की हड़ताल , डीज़ल और टोल टैक्स कम करने की मांग

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Truck Strike – Transporter strike

Truck Strike Transport strike – सभी ट्रक चालकों और मालकों ने हड़ताल पर जाने का फैसला किया है । ट्रक यूनियन के नेता का कहना है की आज से लाखों ट्रकर्स अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं, हड़ताल पर जाने का मुख्‍य कारण है सरकार से डीजल की कीमतें और टोल फीस कम करवाने की है।

वहीं हम आपको बता दे कि संघीय ट्रकर्स ने 9.3 मिलियन से अधिक सदस्यों का दावा किया और हड़ताल की घोषणा की गई। अधिकारियों की माने तो उनका कहना हैं कि सरकार अत्यधिक सड़क परिवहन केंद्रित अर्थव्यवस्था में ट्रकर्स को अपने कॉल के साथ आगे बढ़ने के लिए राजी करने के लिए आखिरी प्रयासों में लगी हुई है।

ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस कोर कमेटी के चेयरमैन बाल मालकित सिंह ने पीटीआई को बताया, “हमने कल केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के साथ बैठक की थी, लेकिन यह अनिश्चित था। जबकि हमने कल 21.30 बजे वित्त मंत्री पियुष गोयल से मुलाकात की।” हालांकि, देर रात की बैठक के दौरान कोई समाधान पाया जा सकता है और कहा कि स्ट्राइक की घोषणा के रूप में जारी किया जाएगा। श्री सिंह ने कहा कि ट्रकर्स आज 6.00 बजे से रोलिंग बंद कर देंगे और तो संभावित रूप से उनके दैनिक नुकसान 4,000 करोड़ रुपये हैं।ट्रकर्स की प्रमुख मांगों में जीएसटी के तहत डीजल प्राप्त करके केंद्रीय और राज्य करों में कमी शामिल है ताकि विनियमित वस्तु की कीमत कम हो सके।

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Truck Strike – Transporter strike

मौके पर श्री सिंह ने कहा कि ट्रकर्स “दोषपूर्ण और गैर पारदर्शी” टोल संग्रह प्रणाली के खिलाफ भी हैं जो सड़क रियायतों का पक्ष लेते हैं और आरोप लगाते हैं कि समय और ईंधन हानि वहीं इसके कारण सालाना 1.5 ट्रिलियन हैं।
उन्होंने ये भी कहा कि ट्रकर्स उच्च बीमा प्रीमियर में भी उलझन में हैं और जीएसटी से तीसरे पक्ष के प्रीमियर पर छूट हैं जबकि तीसरे पक्ष के प्रीमियम में कमी चाहते हैं। इसके अलावा, वे सीधे करों में छूट और उन्मूलन, सभी बसों और ट्रकों के लिए राष्ट्रीय परमिट और सीधे बंदरगाह वितरण निविदा प्रणाली से दूर करने के लिए भी दबाव डाल रहे हैं।

वहीं हम आपको बता दे क‍ि संपर्क करने पर, गडकरी के कार्यालय के एक अधिकारी ने बैठक के दौरान कहा कि ट्रांसपोर्टरों को बताया गया था कि तत्काल कोई भी समाधान उनकी मांगों को लेकर नहीं मिल सकते हैं। वहीं उन्हें इस बात का भी आश्वासन दिया कि सरकार सभी मांगों को संवेदनात्मक रूप से देख रही है।

मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, “हम अपने सभी मुद्दों को देखने के लिए खुले हैं और उम्मीद करते हैं कि बेहतर ज्ञान प्रचलित है।” वहीं इस बीच, स्कूल बस और कंपनी बस मालिकों एसोसिएशन ऑफ महाराष्ट्र ने ट्रकर्स स्ट्राइक को अपना समर्थन बढ़ाया। मुंबई एसोसिएशन में करीब 8,000 बसें और राज्य भर में 40,000 बसें चलाता है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल गर्ग ने पीटीआई को बताया, “ये सभी बसें सड़क से बाहर हो जाएंगी।” उन्होंने कहा कि हालांकि ट्रकर्स अनिश्चितकालीन हड़ताल की योजना बना रहे हैं, लेकिन उनकी संस्था एकजुटता दिखाने के लिए केवल एक दिन सड़क से निकल जाएगी।

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