Acharya Chanakya निति के अनुसार पाप और गरीबी को कैसे करें दूर Acharya Chanakya निति के अनुसार पाप और गरीबी को कैसे करें दूर
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Acharya Chanakya

चाणक्य नीति के अनुसार पाप और गरीबी को कैसे करें दूर

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Acharya Chanakya आचार्य चाणक्य निति के अनुसार चल कर बहुत से लोगो ने अपनी जिंदगी को स्वर्ग से भी सूंदर बना लिया है. आचार्य चाणक्य ने अपने नीति ग्रंथके ग्यारहवें श्लोक में गरीबी, पाप, लड़ाई झगड़ा और डरको भगाने के ढंग तरीके समझाए हैं। चाणक्य ने कहा है की मौन रहने से कलह समाप्त हो जाता है। यानी की अगर कोई इंसान आपको कुछ गलत कहे तो मोन रहना ही उचित है चुप रहकर बात सुनें और उसके अनुसार अपना सही काम करें।

मोन रहने से क्लेश नहीं होगा और लोगों को पता नहीं चलेगा कि आपके मन में क्या चल रहा है। इसके साथ ही अचार्य चाणक्य ने बताया है कि सदैव चौकन्ना रहने से भय डर दूर भाग जाता है यानी हर समय चौकन्ना रहने से मन में किसी भी प्रकार का डर नहीं रहता।

आचार्य चाणक्य निति ने इंसानी जिंदगी से जुड़े हर पहलु पर नीतियों का उल्लेख किया है। चाणक्य की नीतियां जितनी पहले सही साबित होती थी उतनी ही आज हैं। इन पर अमल करके व्यक्ति खुशहाल जीवन बसर कर सकता है। व्यक्ति के जीवन में पास फ़ैल का दौर चलता रहता है। आचार्य चाणक्य ने ऐसे कई मंत्र बताए हैं जिन का पालन करने या स्वयं में इन गुणों को पैदा करने से व्यक्ति अपनी असफलता को सफलता में बदल सकता है।

 Acharya Chanakya नीति का श्लोक –
उद्योगे नास्ति दारिद्रयं जपतो नास्ति पातकम्।
मौनेन कलहो नास्ति जागृतस्य च न भयम्॥

पाप और गरीबी दूर भगाने के ढंग

 Acharya Chanakya के अनुसार उपाय करने पर दरिद्रता नहीं रहती यानी लगातार सही दिशा में कोशिश करते रहने से विद्या और सुख मिल जाता है और विद्या से धन मिलता है। इससे गरीबी दूर हो जाती है। इसके साथ ही आचार्य चाणक्य ने कहा है कि लगातार मंत्र जप या पूजा करते रहने से बुद्धि और मन निर्मल हो जाता है। जिससे प्रायश्चित भी होता है और हर तरह के पाप खत्म हो जाते हैं।

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