Tricity Chandigarh : किराएदार नौकर की सूचना नहीं देगा तो केस नहीं Tricity Chandigarh : किराएदार नौकर की सूचना नहीं देगा तो केस नहीं
BREAKING NEWS
Search
Your browser is not supported for the Live Clock Timer, please visit the Support Center for support.
Tricity Chandigarh

Tricity Chandigarh-किराएदार नौकर की सूचना नहीं देगा तो केस नहीं

44

अगर किराएदार नौकर की सूचना नहीं देगा तो केस नहीं करेगी पुलिस

High Court के आदेश के बाद रद्द हुई FIR

CHandigarh: Tricity Chandigarh- High Court ने एक अहम फैसले में मकान मालिकों को बड़ी राहत देते हुए कहा है कि अगर वह किराएदार और नौकर की सूचना पुलिस को नहीं देते हैं तो भी पुलिस उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर सकती।

Last Months से Tricity Chandigarh में Chandigarh Police ने ऐसे सैकड़ों केस रजिस्टर किए किए थे। क्या पुलिस यह सब खुद कैंसिल करवाएगी, यह एक सवाल है।

Justice Sekhar Dhawan ने Tricity Chandigarh के एक मकान मालक के खिलाफ की गई FIR को निरस्त करने के आदेश देते हुए कहा है कि ऐसी FIR करना पुलिस के Jurisdiction में नहीं आता। 17 जुलाई 2018 को सेक्टर-11 थाना पुलिस ने एक सेक्टर-15 के एक घर में रेड मारकर वहां रह रही एक मेड से यह बयान ले लिया था कि वह वहां तीन महीने से काम कर रही है, लेकिन मालिक ने उससे कभी कोई Adhaar Card अथवा पहचान कार्ड नहीं मांगा।

ALSO READ: ਦਰਸ਼ਕਾਂ ਵਲੋਂ ਹਰਜੀਤ ਹਰਮਨ ਦੇ ਨਵੇਂ ਗੀਤ ‘ਮਿਲਾਂਗੇ ਜਰੂਰ’ ਦੀ ਸ਼ਿੱਦਤ ਨਾਲ ਉਡੀਕ

Landlord Sandeep Gandotra मौके पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इस आधार पर Chandigarh Police ने संदीप को धारा 144 Criminal procedure code की अवहेलना के लिए दोषी मानते हुए FIR Register कर ली। इसके बाद पुलिस ने यह FIR District Court में पेश की। यहां से संदीप को bail लेनी पड़ी और District Court Trial चल रहा था।

HC के समक्ष संदीप के वकील Pankaj Chandgothia ने दलील दी कि धारा 188 IPC के तहत पुलिस को एफआईआर करने के लिए कोई अधिकार प्राप्त नहीं है।Section CRPC की धारा 195 Criminal procedure code के अनुसार 188 Indian Penal COde के तहत कोई भी शिकायत अगर करनी है तो वह केवल District Magistrate खुद सीधा District Court में याचिका दायर करेंगे।

ALSO READ: Jordan Sandhu New Song JATTIYE NI

Tricity Chandigarh- इसी धारा में साफ लिखा गया है कि कोई भी कोर्ट धारा 188 आईपीसी की उल्लंघना की शिकायत किसी भी और जरिए से मंजूर नहीं करेगी। केवल District Magistrate की शिकायत पर ही आगे Trial चला सकती है। ऐसी शिकायत के अभाव में हर तरह कार्रवाई गलत है और इसे बाद में सुधारा भी नहीं जा सकता।

Tricity Chandigarh Police को नहीं दिया गया हस्तक्षेप करने का कोई भी अधिकार

Section of CRPC 144 के तहत किसी भी शहर के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट आदेश जारी करते हैं कि हर मकान मालिक अपने टैनेंट्स, पीजी और सर्वेंट के बारे में साथ लगते थाने में निश्चित तौर पर देंगे। ऐसा ही एक आदेश चंडीगढ़ में 9 जुलाई 2018 से लेकर 6 सितंबर 2018 तक के लिए जारी किया गया था।

ऐसे आदेश समय-समय पर दोहराये भी जाते हैं। अगर कोई भी मकान मालिक इन आदेशों की पालना नहीं करता है तो आईपीसी की धारा 188 की उल्लंघना का दोषी माना जाता है। आमतौर पर आईपीसी की किसी भी धारा की उल्लंघना पर इलाके की पुलिस को FIR Register करने का अधिकार है।

मगर Section 188 of IPC इस मामले में अलग है। इस धारा के तहत पुलिस को हस्तक्षेप करने का कोई भी अधिकार नहीं दिया गया है। इस धारा की उल्लंघना का अधिकार केवल ऑर्डर पारित करने वाले मजिस्ट्रेट को है। उसे स्वयं संबंधित कोर्ट में लिखित शिकायत दायर करने पड़ेगी।

ALSO READ: AZAD SOCH PUNJABI NEWSPAPER




Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *