Akal College Of Nursing अंतराष्ट्रीय सम्मेलन में कुपोषण व् मानसिक रोगो पर चर्चाAkal College Of Nursing अंतराष्ट्रीय सम्मेलन में कुपोषण व् मानसिक रोगो पर चर्चा
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अंतराष्ट्रीय दो दिवसीय सम्मेलन के दूसरे दिन कुपोषण व् मानसिक रोगो पर अहम् चर्चा

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राजगढ़,12 अक्टूबर : इटरनल विशविद्यालय के अकाल कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग (Akal College Of Nursing) में शनिवार को नौवें दो दिवसीय अंतराष्ट्रीय सम्मेलन का दूसरा दिन चंडीगढ़, केरला, दिल्ली, पटना, सोलन, हैदराबाद, और देश भर से आए नर्सिंग प्रोफेशनल्स के साथ प्रारभ हुआ।  

सम्मेलन  के पहले चरण में कुपोषण के बारें में चर्चा  का आरम्भ , स्कूल  ऑफ़  पब्लिक  हेल्थ, PGIMER, चंडीगढ़  के  सीनियर  रिसर्च  अफसर डॉ  अतुल शर्मा  ने किया । उन्होंने कुपोषण के वैश्विक परिदृश्य  बारें में विस्तार से  बताया। केरला  से आये प्रोफेसर किशोर कुमार पि,  वाईस -प्रिंसिपल , कॉलेज  ऑफ़  नर्सिंग ,EMS मेमोरियल  को-ऑपरेटिव  हॉस्पिटल तथा रिसर्च  सेंटर,ने  कुपोषण की जांच और आकलन के विषय पर चर्चा  की । 

इनके पश्चात् कुपोषण में आहार विविधता का महत्व समझाते हुए  इंस्टिट्यूट  ऑफ़  होम  इकोनॉमिक्स , यूनिवर्सिटी  ऑफ़  दिल्ली के फॉर्मर डायरेक्टर डॉ  संतोष  जैन  पस्सी ने  अपने  अमूलय विचार प्रगट किए। CON, IGIMS ,पटना से आए हुए एसोसिएट  प्रोफ़ेस्सोर  कम  वाईस  प्रिंसिपल डॉ  रूपश्री  दास गुप्ता ने कुपोषण के लिए सही नीतियों के बारें में विस्तार से बताया ।  

दूसरे  चरण में मानसिक बीमारी के कारण आत्महत्या करने वाले (रोगियों) का गंभीरता से विश्लेषण किया। सबसे पहले  अकाल ड्रग डी-एडिक्शन  सेंटर्स, के  डायरेक्टर डॉ   राजिंदर  सिंह ने  आत्महत्या के परिमाण  पर चर्चा की । आत्महत्या जोखिम मूल्यांकन के बारें में  MMU, कुमारहाटी , सोलन के प्रिंसिपल डॉ  जसबीर  कौर ने  विस्तार से  बताया ।

इनके बाद असिस्टेंट  प्रोफेसर , श्रीमती   अनमोल  जोसफ विजयमारिए  कॉलेज  ऑफ़   नर्सिंग , हैदराबाद से आये हुए  आत्महत्या की रोकथाम के लिए दृष्टिकोण- एक प्रतिमान बदलाव कैसे  लाना चाहिए इसके बारें में अपने विचार प्रगट किये । निशान  एजुकेशनल  ट्रस्ट , चंडीगढ़  से साइकोलोजिस्ट डॉ  रणजीत  पॉवर ने संगठनों और प्रणालियों में जीवित अनुभवों को बढ़ाने के लिए सही नीति क्या होनी चाहिए इसके बारें में सबको अपने विचार बताए ।

आखिर में आत्महत्या के मामलों के प्रबंधन में चुनौतियां और बाधाएं क्या क्या आती है और उनसे कैसे  सम्भला जाए इस पर विचार प्रगट किए कुराली से आये  प्रोफेसर  कम  वाईस  प्रिंसिपल, डॉ  भारत  पारीक,  सरस्वती  नर्सिंग  इंस्टिट्यूट , धिआनपूरा ।  (Akal College Of Nursing)

कार्यक्रम के अंत में सभी नर्सिंग प्रोफेशनल्स को स्मृति चिन्ह व्  प्रमाण पत्र वितरित किये गए ।
इस दो दिवसिय सम्मेलन में कुल मिलाकर 520  नर्सिंग छात्रों ने हिस्सा लिया और 40  नर्सिंग प्रोफेशनल्स व् रिसोर्स पर्सन्स जो की पंजाब, हिमाचल, उत्तराखंड, राजस्थान, महाराष्ट्र , उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, आँध्रप्रदेश  , केरला, कर्नाटका, चंडीगढ़, USA, उमान, नेपाल, अफगानिस्तान से आये हुए  थे।

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