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Paytm पर आपको ऐसे लग सकता है पैसों का चुना

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Paytm ने जारी की चेतावनी, ये हैं बचने के उपाय

Paytm Kyc Alert : यूपीआई पिन डालने या कहीं टैप करने की जरूरत नहीं


New Delhi 21 November 2019| आजकल Digital App से पैसे लें दें करने का चलन बढ़ता जा रहा है . डिजिटल पेमेंट ऐप्स में धोखाधड़ी की खबरों की पिछले कुछ दिनों से बाढ़ सी आई हुई है। कभी कोई केवाईसी के नाम पर, कभी पैसा रिफंड पाने के नाम पर तो कभी फिशिंग ई-मेल या SMS के झांसे में आकर ग्राहक अपनी गाढ़ी कमाई का पैसा गवां दे रहे हैं।

ज्यादातर मामलों में UPI या Payment गेटवे कंपनी द्वारा सही रेस्पोंस नहीं मिलने और जानकारी के अभाव में पीड़ित कोई भी कार्रवाई नहीं कर पाते हैं। Digital Payment को बढ़ावा देने के इस समय में ये घटनाएं लोगों का मनोबल तोड़ रही हैं।

हालांकि, थोड़ी सी जागरूकता के साथ अगर ग्राहक कुछ बातों का ध्यान रखें, तो वे Digital App के जरिए होने वाली इस धोखाधड़ी से बच सकते हैं। आइए जानते हैं कि पेमेंट ऐप्स के जरिए धोखाधड़ी किस तरह हो रही है और इससे कैसे बचा जा सकता है।

बोगस ई-मेल से बचें

इस प्रकार के फ्रॉड में Hacker ग्राहक को Email या SMS लिंक भेजते हैं। ये लिंक बैंकों के Login Page और Mobile App के लिंक की तरह होते हैं। ग्राहकों को इन लिंक्स पर क्लिक करने के लिए Cashback या Refund का लालच दिया जाता है।

ग्राहक जब इस पर क्लिक करके अपनी जानकारी डालता है, तो वह हैकर के पास चली जाती है। इसके बाद हैकर आपको Crect Website पर Invaild Massage के साथ Redirect कर देते हैं। वहीं, Mobile App में Server Issue या Internet Conection का Error दिखाया जाता है।

वहीं जब हैकर ग्राहक से App Install करवाते हैं, तब Hacker द्वारा Mobile Light, SMS, Call और Contact आदि की अनुमति देने के लिए कहा जाता है। अनुमति मिलते ही आपके SMS, CONTACT और Call related Data सहित बहुत सी आपकी निजी जानकारी हैकर के पास चली जाती है।

विशिंग के ना हों शिकार

इस टाइप के फ्रॉड में धोखेबाज फोन पर आपसे आपकी निजी जानकारी पूछता है। धोखेबाज बैक, UPI या Payment gateway site का प्रतिनिधि बनकर KYC Update या अन्य किसी व्यवहारिक कारण के लिए ग्राहक को कॉल करता है। इसमें वे ग्राहक से निजी जानकारी लेते हैं, जिससे पिन या पासवर्ड मालूम किया जा सके।


PayTm पर KYC के नाम से हो रही धोखाधड़ी

इस समय Paytm में KYC के नाम पर Froud के मामले सबसे अधिक देखने को मिल रहे हैं। इसमे धोखेबाज खुद को Paytm Customer care Team का बताकर ग्राहक को कॉल करता है। वह ग्राहक से Paytm Service को जारी रखने के लिए केवाईसी कंप्लीट करने के लिए कहता है। इसके लिए वह ग्राहक से ऐप डाउनलोड करने के लिए भी कहता है। इसी ऐप के जरिए हैकर ग्राहक की जानकारी चुराकर उसका Paytm Account खाली कर देता है।

ऐसी घटनाओं में ग्राहक के मोबाइल पर पेटीएम के नाम से पहले एक एसएमएस भी भेजा जाता है, जिसमें कहा जाता है कि हम कुछ समय बाद आपका पेटीएम अकाउंट होल्ड कर देंगे, अपने पेटीएम केवाईसी को पूरा करें। ग्राहक को इस तरह के किसी भी झांसे से सावधान रहने की जरूरत है। पेटीएम ने स्वयं इस संबंध में चेतावनी जारी की है।


यहां आपको बता दें कि पेटीएम में केवाईसी अधिकृत केवाईसी प्वाइंट पर जाकर ही की जाती है या फिर पेटीएम का प्रतिनिधि स्वयं ग्राहक के घर आकर केवाईसी करता है। पेटीएम कभी भी एसएमएस या कॉल के जरिए केवाईसी नहीं करता है।

पैसे लेने के लिए कभी नहीं डालना होता यूपीआई पिन

हमेशा ध्यान रखें कि जिस व्यक्ति ने रिक्वेस्ट का मैसेज भेजा है, वह आपसे पैसे मांगना चाहता है। आप अगर पे पर क्लिक करके यूपीआई पिन डाल दोगे, तो पैसे सामने वाले के अकाउंट में चले जाएंगे। दूसरी तरफ से देखें, तो अगर आपको किसी से पैसे चाहिए, तो आप उसे रिक्वेस्ट का मैसेज भेजें। यहां बता दें कि अगर कोई आपको पेमेंट ऐप के माध्यम से पैसे भेज रहा है, तो आपको कहीं भी यूपीआई पिन डालने या कहीं टैप करने की जरूरत नहीं है।

फ्रॉड से इस तरह बचें

  1. अपने पास आने वाले किसी भी एसएमएस, ई-मेल या पॉप-अप को अच्छे से पढ़ें।
  2. OTP, Secure Code, Id और रिक्वेस्ट के अंतर का ध्यान रखें।
  3. हमेशा ऐप इंस्टॉल करने के लिए प्ले स्टोर का यूज करें और कंपनी के लोगो और स्पेलिंग को चैक कर लें।
  4. किसी भी ऐप को अनुमति जरूरत के अनुसार ही दें या फिर वन टाइम अलाउ ही करें।
  5. कैशबेक या रिफंड वाली स्कीमों से दूर रहें।

Digital Payment :फ्रॉड हो जाने पर उठाएं ये कदम

  1. फ्रॉड हो जाने पर बैंक और यूपीआई को कॉल करें, ताकि पेमेंट को फ्रीज़ किया जा सके या रिफंड किया जा सके।
  2. किसी साइबर एक्सपर्ट की मदद लें और मामले की एफआईआर दर्ज करवाएं।

Digital Payment : ये भी उठें कदम

  1. पेंमेंट ऐप्स में धोखाधड़ी को कम करने को लेकर प्रिया सांखला का सुझाव है कि सरकार और बैंकों को यूपीआई पर तुरंत निकासी की सुविधा को हटाना चाहिए, ताकी पीड़ित को रिकवरी का समय मिल सके।
  2. पेटीएम, फोन-पे और भीम यूपीआई आदि पर भी साइबर सेल को एक्टिव रहकर पुलिस को कार्रवाई के लिए मदद करनी चाहिए। सांखला के अनुसार, 70 फीसद मामलों में यूपीआई ऐप या कंपनी समय पर मदद नहीं करती है।



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