SAD Taksali : नवजोत सिद्धू के दोनों हाथों में लड्डू , आप और टकसाली हुए आगे पीछे SAD Taksali : नवजोत सिद्धू के दोनों हाथों में लड्डू , आप और टकसाली हुए आगे पीछे
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Navjot Sidhu Kartarpur Corridor

नवजोत सिद्धू के दोनों हाथों में लड्डू , आप और टकसाली हुए आगे पीछे

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Chandigarh 22 January 2020 : राजनीती में अच्छे और बुरे दिन आते टाइम नहीं लगता। कांग्रेस में नवजोत सिंह सिद्धू को अनदेखा किया गया तो अब सिद्धू नई सियासी पारी शुरू कर सकते हैं क्यों कि पहले आम आदमी पार्टी और अब शिअद से अलग होकर बने शिअद टकसाली (SAD Taksali) ने उनको पार्टी का नेतृत्‍व करने का ऑफर दिया है।

SAD Taksali ने अकालियों के धुर विरोधी नवजोत सिंह सिद्धू से अपनी पार्टी का नेतृत्‍व करने की अपील की है। शिअद टकसाली ने कहा है कि सिद्धू हमारा नेतृत्‍व करें, हम उन्‍हें मुख्‍यमंत्री पद का उम्‍मीदवार बनाएंगे। इस पर चुटकी लेते हुए सुखबीर सिंह बादल की पार्टी शिअद ने कहा कि टकसालियों को अपना नाम ‘ठोको ताली दल’ रख लेना चाहिए।

सिद्धू को ऑफर देने के बाद सुखबीर बदल ने ली चुस्की , कहा- ‘ठोको ताली दल’ रखो पार्टी का नाम

SAD टकसाली के नेता Ranjeet Singh Brahampura के बाद अब Ex MInister व महासचिव Seva Singh Sekhvan ने भी कहा है कि सिख संस्थाओं को बादलों से आजाद करवाना हमारा मुख्य मकसद है। ऐसे में Navjot Sidhu जैसे नेता को पार्टी में लाने और उनकी अगुआई से हमें खुशी होगी। वह Punjab परस्त हैं। सिद्धू को SAD Taksali में लाने और उनको पार्टी का नेतृत्‍व सौंपने की मांग रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा ने दो दिन पहले दिल्ली में सफर-ए-अकाली कार्यक्रम के दौरान की थी।

SAD Taksali ने कहा- हां करें तो बनाएंगे CM Candidate

दिलचस्प बात यह है कि एक ओर टकसाली नेता अकाली परंपराओं को पुनर्जीवित करने की बात कर रहे हैं और दूसरी ओर सिद्धू जैसे नेता को अपनी पार्टी की अगुआई का न्योता दे रहे हैं, जिनका अकाली परंपराओं से दूर-दूर तक नाता नहीं है। सेवा सिंह सेखवां ने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू से संपर्क के लिए पूर्व सांसद रतन सिंह अजनाला की ड्यूटी लगाई गई है। अगर वह इसके लिए तैयार हो जाते हैं, तो उन्हें मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया जा सकता है।

खुद नेतृत्व करने में अक्षम हैं TAksali _ Badal

SAD Badal के सीनियर उपप्रधान Daljit Singh Cheema ने SAD Taksali की इस मांग को हास्यास्पद बताया है। उन्होंने कहा कि टकसाली नेताओं को अपनी पार्टी का नाम बदलकर ठोको ताली दल रख लेना चाहिए। ब्रह्मपुरा के बयान से साफ है कि वे खुद पार्टी का नेतृत्व करने में अक्षम हैं, और उनकी पार्टी में लीडरशिप का संकट है। उन्होंने कहा कि जिस नेता को कांग्रेस घर बैठाने पर मजबूर है, उससे टकसालियों ने उम्मीद लगा रखी है।

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बता दें कि पंजाब के CM Captain Amrinder Singh के साथ टकराव के बाद सिद्धू ने कैबिनेट मंत्री पद से इस्‍तीफा दे दिया था। इसके बाद से वह पूरी तरह खामोश हैं और पंजाब की सियासत से लगभग दूर हैं। एक-दो मौकों को छोड़कर सिद्धू को सार्वजन‍िक तौर पर भी नहीं देखा जा रहा है। श्री करतारपुर कॉरिडोर के शुभारंभ के मौके पर पाकिस्‍तान में आयोजित कार्यक्रम में वह शामिल हुए थे। वहां वह पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ नजर आए थे। उस समारोह में उन्‍होंने इमरान खान के खूब कसीदे पढ़े थे। सिद्धू और इमरान खान क्रिकेट खेलने के दौरान से मित्र हैं।

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