भारत और चीन सरहद पर बीच हालत तनावपूर्ण,जारी रहेगा सड़क निरमाण भारत और चीन सरहद पर बीच हालत तनावपूर्ण,जारी रहेगा सड़क निरमाण
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भारत और चीन सरहद पर बीच हलात तनावपूर्ण,जारी रहेगा सड़क निरमाण

भारत और चीन सरहद पर बीच हलात तनावपूर्ण,जारी रहेगा सड़क निरमाण

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AZAD SOCH :-

नयी दिल्ली :- असली कंट्रोल रेखा (LAC) पर भारत और चीन दरमियान तनाव बढ़ता जा रहा है। चीन भारत को सरहद पर निर्माण रोकनो के लिए ज़ोर डाल रहा है।

दोनों देशों बीच तनाव घटता नहीं दूरी रहा क्योंकि भारत ने भी चीन को टक्कर देने के लिए सरहद पर भारी फ़ौज तैनात कर दी है।

बढ़ते तनाव को देखते हुए बड़ा सवाल यह खडा होता है कि क्या दोनों देशों बीच युद्ध जैसे हलात पैदा तो नहीं हो रहे हैं?चीन और नेपाल के साथ जारी खींचतान के बीच मंगलवार को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अहम बैठक की ।

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत के अलावा तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ हुई इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लद्दाख के ताजा हालात का जायजा लिया ।

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चीन के साथ जारी मौजूदा विवाद को बातचीत और डिप्लोमेटिक मोर्चे पर सुलझाया जाएगा. लेकिन, भारतीय सेना जहां पर अभी डटी हुई है वहां रहेगी. इसके अलावा भारत ने जो सड़क निर्माण का काम शुरू किया है, वो पूरी तरह से जारी रहेगा ।

चीन की ओर से जो लगातार सैनिकों की संख्या बढ़ाई जा रही है, उसी को देखते हुए अब भारत भी अपनी तैनाती को बढ़ाएगा ।

लद्दाख में बीते दिनों जो हुआ है, उसके बाद से ही सुरक्षा की दृष्टि से भारत ने अपनी नज़र पैनी की है और हर एक कदम पर कड़ी निगाहें बनी हुई हैं ।

 पहले भारत और चीन के सैनिकों के बीच पूर्वी लद्दाख और सिक्किम के नाकू ला सेक्टर में भी झड़प हो चुकी है हाल ही में 5,000 से अधिक चीनी सैनिक वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर आ गए ।

हैंइस दौरान रखा माहिर पीकर सहगल ने न्यूज एजेंसी एऐनआई को जानकारी दी कि चीन दबाव बना रहा है कि जो भारत अपने की तरफ़ से बुनियादी ढांचा बना रहा है ।

उसे इस को रोक देना चाहिए परन्तु भारत ने इस को बंद करन से इन्कार कर दिया है क्योंकि चीन ने अपने तरफ बहुत सी निर्माण किये हैं ।

और भारत सिर्फ़ इस निर्माण के साथ चीन की बराबरी कर रहा है।दोनों देशों में किसी किस्म की जंग होगी क्योंकि लड़ना किसी के हित में नहीं।

भारतीय सुरक्षा बलों ने अपने हेवी लिफ्ट परिवहन विमानों का इस्तेमाल अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों से सैनिकों को पूर्वी लद्दाख सेक्टर में तैनाती के लिए लाने में किया ।

 दोनों मुल्कों में 2017 के डोकलाम केस जैसे हालात हैं। दोनों फ़ौजों कुछ सौ मीटर की दूरी पर तैनात हैं। जैसे कि चीन के फ़ौजी गतिविधियों अधिक रही हैं, भारत ने भी उसी तर्ज़ पर अपनी सैनिक ताकत बढ़ाने की कोशिश की है।

इस से इलावें नेपाली गोरखाओं की भावनाएं आहत हुई हैं जो लंबे समय से भारत के लिए बलिदान करते आए हैं. न्यूज आउटलेट को दिए एक इंटरव्यू में नेपाल के रक्षा मंत्री ने कहा कि जनरल मनोज नरवणे का कूटनीतिक विवाद में चीन की तरफ इशारा करना निंदनीय है.

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AZAD SOCH :- E-PAPER

AZAD SOCH :- TV




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