कोविड-19 के कारण भारत की धीमी विकास दर,11 साला के निचले स्तर पर कोविड-19 के कारण भारत की धीमी विकास दर,11 साला के निचले स्तर पर

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कोविड-19 के कारण भारत की धीमी विकास दर,11 साला के निचले स्तर पर

कोविड-19 के कारण भारत की धीमी विकास दर,11 साला के निचले स्तर पर

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AZAD SOCH :-

NEW DELHI :- भारत में इस समय LOCKDOWN लगा हुए है, जिस कारण बहुत सी कारोबार बंद पड़े हैं,जिस कारण बेरोजगारी और बढ़ रही है वहाँ ही भारत की अरथविवसथा में बहुत नुकसार हो रहा है, भारत की अरथविवसथा निचले स्तर की तरफ जा रही है ।

इस का कारण कोरोना वायरस है, भारतीय अर्थव्यवस्था पर COVID-19 महामारी और LOCKDOWN का शुरुआती असर दिखना शुरू हो गया है। मौजूदा वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में, पिछले वर्ष की तुलना में देश की विकास दर घट गई है।

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यह 11 साल का सबसे निचला स्तर है। मार्च के अंतिम सात दिनों में कोरोना वायरस से निपटने के लिए देशव्यापी तालाबंदी कर दी गई थी और आर्थिक गतिविधियों को पूरी तरह से ठप कर दिया गया था।
पिछले सालों में जो देश की जी.डी.पी , वह 2018-19 दौरान यह संख्या 6 फीसद था।

इस साल की बात की जाये तो इस साल 2019-20 में जीडीपी की विकास दर 4-2 प्रतीशत रही है, 2019-20 की आखिरी तिमाही यानि जनवरी से मार्च 2020 दौरान जीडीपी की विकास दर 3-1% रही। पिछले वित्तीय साल की आखिरी तिमाही के इस आंकड़ो के साथ पूरे वित्तीय साल की विकास दर सिर्फ़ 4-2प्रतीशत रही ह ।

वित्त वर्ष 2020 की जीडीपी वृद्धि दर वित्त वर्ष 2017 (8.3प्रतिशत) की लगभग आधी रही। भारत की विकास दर पिछले दो वर्षों से धीमी थी, लेकिन कोरोना महामारी ने हालात बदतर कर दिए हैं।

मंत्रालय ने कहा, मार्च 2020 से वैश्विक कोरोना महामारी के चलते राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन उपायों के मद्देनजरस आर्थिक संस्थायों का आंकड़ा प्रवाह प्रभावित हुआ हैौलॉकडाउन और मजदूरों के पलायन के कारण निजी व्यय में गिरावट आई है।

उपभोक्ता मांग कमजोर होने के कारण निवेश की मांग में गिरावट आई है और कॉर्पोरेट बैलेंस शीट पर भी असर पड़ा है।बहुत सारेे मज़दूर जो कि अपनी घरों को वापस जा रहे हैं उन का पलाईन जारी है । क्योंकि ज़्यादातर कारोबार बंद हो चुके हैं, भारत में लगातार कोरोना करके लौकडाऊन चल रहा है।

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इस के इलावा दुनिया में भी इस तरह का माहौल बन चुका है, दुनिया के कई विकशित देश में महामारी के साथ लड़ रहे हैं उन के भी बहुत सी कारोबार बंद हो चुके हैं,अमरीका में इस समय सब से अधिक बेरोजगारी हो गई है, अमरीका में करोड़ा लोग इस बेरोजगार हो चुके हैं ।

इस के इलावा दुबई में करोबारियों ने कह दिया है, आने वाले समय में 50 प्रतिशत से ज़्यादा काम बंद हो जाएंगे। क्योंकि दुबई में भारतीय लोग बहुत ज़्यादा काम करते हैं, जिस का अब प्रभाव अब भारत और भवेंगा।भारत में आठ इस तरह के राज है ।

जहाँ से कि भारत की अरथविवसथा मज़बूत बनती है, जो महामारी की सबसे ज्यादा मार झेल रहे हैं। ये आठ राज्य भारत की जीडीपी में 60 फीसदी और कर्मचारियों की संख्या में 58 फीसदी का योगदान देते हैं।

एसबियायी का कहना है की सबसे ज्यादा नुकसान (लगभग 50%) रेड जोन में है, दुनिया के दूसरे सबसे अधिक आबादी वाले देश ने अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबंधों में ढील के साथ 31 मई तक लॉकडाउन बढ़ाया है।

लेकिन देश भर में कोरोना वायरस के मामले बढ़ रहे हैं, जिससे कुछ और महीनों के लिए आर्थिक गतिविधियों में बाधा आसकती है भारत में कोरोना महामारी के कारण अब तक 173,763 लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं जो कि बहुत ही तेज़ी के साथ अधिक रहा है, इस महामारी को रोकने हर कोशिश की जा रही है ।

इस महामारी के साथ अब तक 4,980 लोगों की मौत हो चुकी है, जिस में गुजरात, महाराष्ट्र ,उत्तर प्रदेश हैं, गुजरात और महाराष्ट्र में सब से अधिक जी.डी.पी. को सही दिश्हें देश को दी जाती है, परन्तु भारत में अब ठीक हो वाले मरीजों की संख्या 82,627 हो चुकी है, जो कि दूसरे देशों को बहुत अच्छी समझी जाती है।

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