खेती कानूनों का तोड़ ढूँढने की कवायद शुरू,पंजाब समेत इन राज्यों में नहीं लागू होने खेती कानूनों का तोड़ ढूँढने की कवायद शुरू,पंजाब समेत इन राज्यों में नहीं लागू होने
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खेती कानूनों का तोड़ ढूँढने की कवायद शुरू,पंजाब समेत इन राज्यों में नहीं लागू होने दिया जायेगा

खेती कानूनों का तोड़ ढूँढने की कवायद शुरू,पंजाब समेत इन राज्यों में नहीं लागू होने दिया जायेगा खेती कानून,सोनीं गांधी ने दिया बयान

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AZAD SOCH :-

NEW DELHI :- देश में खेती बिलों को लेकर विरोध जारी है, राष्ट्रपति की तरफ से यह बिल के पास किये जा चुके हैं,पंजाब और हरियाणा और कई ओर राज्यों में इस बिलों का विरोध लगातार जारी है,इस में अब कांग्रेस में इस बिलों का विरोध कर रही है, और हर पार्टियों में इस बिल से ऐतराज़ है.

अब कांग्रेस की प्रधान सोनीं गांधी पार्टी शासित सूबों की सरकारें को कहा कि वह केंद्र सरकार के ‘कृषि विरोधी ’ कानूनों को बे असर करन के लिए कानून के पास करन की संभावना पर विचार करन,कांग्रेस के संसद मैंबर ने इन कानूनों को चुनौती देती पटीशन सुप्रीम कोर्ट में दाख़िल कर दी है.

इसी तरह पंजाब के मुख्य मंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने भी खेती कानूनों ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खडकानो का ऐलान कर दिया है,पार्टी के संगठन जनरल सचिव किस तरह की वेणुगोपाल की तरफ से जारी बयान मुताबिक सोनीं गांधी ने कांग्रेस शासित सूबों को संविधान की धारा 254 (ए) के अंतर्गत कानून के पास होने की जाँच पड़ताल करन की सलाह दी है.

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इस समय पर पंजाब, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और पुडूचेरी में कांग्रेस की सरकारें हैं, महाराशटर और झारखंड में कांग्रेस गठजोड सरकार का हिस्सा है,पार्टी वक्ते मुताबिक यह धारा राज विधान सभायें को इन खेतीबाड़ी विरोधी और राज कानूनों में दख़ल देने वालेो केंद्रीय कानून को ख़त्म करन के लिए कानून के पास करन का अधिकार देता है.

वेणुगोपाल ने दावा किया, “राज का यह कदम कृषि के तीन कानूनों के असवीकारत और किसान विरोधी प्रबंधों को नज़र अंदाज़ करन की आज्ञा देगा,इन प्रबंधों में कम से कम समर्थन मूल्य को ख़त्म करना और कृषि उत्पादन मार्किटिंग समितियाँ (एपीऐमसी) को भांग करन की व्यवस्था शामिल है.

भाजपा शासित राज्यों में भी किसानों के विरोध प्रदर्शन की खबरें सामने आईं हैं,इसी तरह पंजाब में कई भाजपा नेताओं की तरफ से पार्टी की प्राथमिक मैंबरशिप से इस्तीफ़े देने के इलावा कुछ नेताओं के भाजपा को छोड़ शिरोमणी अकाली दल में शामिल हो हो गए हैं।


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AZAD SOCH :- E-PAPER

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