Covid-19 का प्रभाव देश के 37.5 करोड़ बच्चों को दशकों तक करना पड़ेगा बुरे प्रभावों Covid-19 का प्रभाव देश के 37.5 करोड़ बच्चों को दशकों तक करना पड़ेगा बुरे प्रभावों
BREAKING NEWS
Search

Live Clock Date

Your browser is not supported for the Live Clock Timer, please visit the Support Center for support.
Covid-19 का प्रभाव देश के 37.5 करोड़ बच्चों को दशकों तक करना पड़ेगा बुरे प्रभावों का सामना

Covid-19 का प्रभाव देश के 37.5 करोड़ बच्चों को दशकों तक करना पड़ेगा बुरे प्रभावों का सामना

4

AZAD SOCH:-

NEW DELHI,(AZAD SOCH NEWS):- सैंटर फार विज्ञान एंड इनवायरमैंट 2021 (Center for Science and Environment 2021) की सालाना रिपोर्ट मुताबिक कोविड -19 महामारी (Covid-19 Epidemic) कारण 0 से 14 साल के 37.5 करोड़ भारतीय बच्चों की सेहत पर लम्बे समय तक बुरा प्रभाव रहेगा,भविष्य में इन बच्चों को कुपोशण, असिख्या और कई अणदेखी दुश्वारियों का सामना करना पड़ सकता है।

सीऐसयी के डायरैक्टर सुनीता नारायण (CISy’s Director Sunita Narayan) ने कहा कि कोविड -19 (COVID-19) ने पहले ही ग़रीब विश्व को ओर ग़रीब बना दिया है,उन कहा कि कोविड -19 (COVID-19) के प्रभाव कारण दुनिया भर में 11.5 करोड़ ओर लोग बेहद ग़रीबी में ज्यूण के लिए मजबूर होंगे,इन में से ज़्यादातर दक्षिणी एशिया के होंगे,यानि एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी ने सदी की सब से लम्बी महामारी दौरान जन्म लिया।

जब यह बच्चे बड़े होंगे तो इन की याददाश्त में महामारी (Epidemic) एक निर्णायक फ़ैसले के तौर पर होगी,इस महामारी (Epidemic) कारण मौजूदा पीढ़ी के 35 करोड़ से ज़्यादा बच्चे इस बीमारी के गलत प्रभाव को अपनी ज़िंदगी में लेंगे,यूनीसेफ मुताबिक लाकडाऊन (According To UNICEF Lockdown) कारण दुनिया भर के बच्चे सरकारी स्कूल बंद होने के कारण मिड मील (Mid Mile) से महरूम रहे।

भारत में भी करीब 9.4 करोड़ बच्चे मिड डेय मिल से वंचित रहे,रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया भर में करीब 50 करोड़ बच्यांं को स्कूल से बाहर होना पड़ा, जिस में आधे बच्चे भारत के हैं,रिपोर्ट मुताबिक 2030 तक बच्चों में ठिगनापन को 2.5 प्रतिशत तक लाने का जो भारत का लक्ष्य था।

वह भी कोविड -19 (COVID-19) कारण प्रभावित हुआ है, भारत 192 देशों में वें स्थान पर है,रिपोर्ट मुताबिक 31 दिसंबर, 2020 तक भारत में 2.5 करोड़ से अधिक बच्चों ने जन्म लिया,भाव एक पूरी पीढ़ी ने सदी की सब से लम्बी महामारी दौरान जन्म लिया,जब यह बच्चे बड़े होंगे, तो इन की याददाश्त में महामारी (Epidemic) एक निर्णायक मिसाल के तौर पर होगी।

AZAD SOCH :- E-PAPER

ਹੋਰ ਵਧੇਰੇ ਖ਼ਬਰਾਂ ਅਤੇ update ਲਈ Facebook Page Like ਅਤੇ Twitter Follow




Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *