आज Basavaraj Bommai ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली,राज्य के 23वें मुख्यमंत्री बन आज Basavaraj Bommai ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली,राज्य के 23वें मुख्यमंत्री बन
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Today, Basavaraj Bommai was sworn in as the Chief Minister, becoming the 23rd Chief Minister of the state

आज बसवराज बोम्मई ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली,राज्य के 23वें मुख्यमंत्री बन गए

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AZAD SOCH:-

KARNATAKA,(AZAD SOCH NEWS):- कर्नाटक (Karnataka) में आज बसवराज बोम्मई (Basavaraj Bommai) ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है,बोम्मई को राज्यपाल थावरचंद गहलोत (Governor Thavarchand Gehlot) ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलवाई,इसके साथ ही वे राज्य के 23वें मुख्यमंत्री बन गए. बसवराज इससे पहले येदियुरप्पा सरकार (Yediyurappa Government) में गृह और कानून जैसे अहम मंत्रालय देख रहे थे,नए मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई को येदियुरप्पा (Yediyurappa) का बेहद चहेता माना जाता है,विधायक दल की बैठक में येदियुरप्पा ने ही बोम्मई के नाम का प्रस्ताव रखा,बसवराज बोम्मई (Basavaraj Bommai) को जनता दल से बीजेपी में लाने वाले येदियुरप्पा ही माने जाते हैं,लिंगायत समुदाय (Lingayat Community) से आने वाले बसवराज बोम्मई के पिता एस आर बोम्मई भी कर्नाटक के सीएम रह चुके हैं.

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बसवराज बोम्मई पहले जेडीएस (JDS) में थे, दो बार एमएलसी (MLC) रहे,2008 में उन्होंने बीजेपी का दामन थामा और तब से तीन बार विधायक रहे,उनके पिता एस आर बोम्मई (S. R. Bommai) भी पहले मुख्यमंत्री रहे हैं और एचडी देवगौड़ा सरकार (HD Deve Gowda Government) में केंद्रीय मंत्री थे,सोमवार को बीएस येदियुरप्पा (BS Yediyurappa) के इस्तीफे के बाद मंगलवार की सुबह कर्नाटक के प्रभारी अरुण सिंह और ऑब्जर्वर चुने गए धर्मेंद्र प्रधान और किशन रेड्डी बेंगलुरु पहुंचे,इसके बाद बीजेपी विधायक दल की बैठक हुई. 

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येदियुरप्पा के केबहद करीबी हैं बसवराज बोम्मई (Basavaraj Bommai)


बसवराज बोम्मई (Basavaraj Bommai) की छवि साफ है,साथ ही येदियुरप्पा के करीबी और चहेते भी हैं,इस वक्त बीजेपी येदियुरप्पा को नाराज करने का रिस्क नहीं उठा सकती,यही कारण है कि येदियुरप्पा के कहे गए नाम पर मोहर लगानी पड़ी,इसे येदियुरप्पा (Yediyurappa) का मास्टरस्ट्रोक कह सकते हैं क्योंकि बोम्मई येदियुरप्पा का मोहरा हैं,बोम्मई लिंगायत चेहरा हैं और बीजेपी से तीन बार विधायक रहे हैं,लिंगायत समुदाय बीजेपी के ट्रेडिशनल वोटर्स (Traditional Voters) रहे हैं और राज्य में करीब 19% है,खुद येदियुरप्पा (Yediyurappa) के लिंगायत हैं,ऐसे में बीजेपी के सामने लिंगायत को चुनने की चुनौती थी. 

AZAD SOCH :- E-PAPER

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